बाढ़ का तमाशा
कृष्ण कुमार यादव
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भारी बरसात के चलते नदी तट वाले क्षेत्र पानी में डूबने लगे थे। लोग अपनी जान-माल बचाने के प्रयास में जुटे हुये थे। कभी एक दूसरे का हाथ पकड़ वे पानी से बाहर आने की कोशिश करते। तभी चमचमाती कार से शहरी नवयुवकों का एक दल उतरा-वाह, क्या फैन्टास्टिक सीन है! काश यहाँ पर नाव होती तो घूमने का मजा ही कुछ और होता। देर शाम तक तमाशबीनों की भीड़ बढ़ती गयी और वक्त का फायदा उठाते हुये कुछ खोंमचे वाले भी जमा हो गये। बाढ़-स्थल अब लोगों के लिए पिकनिक स्थल बन गया और जान बचाते हुये लोग उनके मनोरंजन के केन्द्र-बिन्दु बने हुए थे।
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संपर्क-भारतीय डाक सेवा, वरिष्ठ डाक अधीक्षक, कानपुर नगर मण्डल, कानपुर-01 |
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